पर्यावरण पर लॉकडाउन के प्रभाव | Effects Of Lockdown On Environment in Hindi

हेलो दोस्तों, आज हम इस लेख में पर्यावरण पर लॉकडाउन के प्रभाव को जानेंगे। जैसे कि इस बात से हम भलीभांति परिचित हैं कि कोरोनाकाल में हम सभी को लॉकडाउन झेलना पड़ा जिससे कि पूर्णता सभी व्यक्ति रुष्ट थे। परंतु कोई एक था जिसे इस लॉकडाउन से बहुत फायदा हो रहा था। पता है कौन? तो दोस्तों वह है हमारा ‘पर्यावरण’ तो चलिए पूरी जानकारी बहुत ही सरल भाषा में जल्दी से पढ़ते हैं-

लॉकडाउन की जरूरत क्यों पड़ी? (NEED)

कोरोनावायरस ने पहले ही विश्व भर में करोड़ों लोगों का जीवन का सर्वनाश कर दिया है जिसके चलते एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति से ही दूर भागने लगा है और इससे बुरा कुछ भी नहीं हो सकता ।

पर्यावरण पर लॉकडाउन के प्रभाव
पर्यावरण पर लॉकडाउन के प्रभाव

कोरोनावायरस जैसी महामारी को दूर करने के लिए लॉकडाउन व शारीरिक दूरी का उपाय निकाला गया इससे कहीं ना कहीं बड़ी राहत देखने को मिले। वर्ष 2020 से लेकर 2021 तक ज्यादातर समय हम सभी लोग लॉकडाउन में बंद रहे और कोरोनावायरस को कोसते रहे हैं।

क्या लॉकडाउन सफल रहा ?

दोस्तों, यदि लॉकडाउन के सफल होने की बात की जाए तो वह काफी हद तक संक्रमण रोकने में कामयाब रहा। इसलिए हम बिल्कुल कह सकते हैं कि लॉकडाउन का तरीका सफल व लाभदायक था।

लॉकडाउन का मानव जीवन पर प्रभाव

लॉकडाउन का मानव जीवन पर प्रभाव सकारात्मक व नकारात्मक दोनों पहलुओं पर देखने को मिला जोकि निम्नलिखित है-

1- लॉकडाउन होने से जीवन सुरक्षित होने का फायदा।

2- लॉकडाउन पड़ने पर परिवार के साथ समय बिताकर बीते गिले-शिकवे को दूर किया गया।

3- लॉकडाउन में बहुत से व्यक्तियों को वर्क फ्रॉम होम का विकल्प दिया गया जोकि एक सकारात्मक पहल मानी गई।

4- कोरोनावायरस रुपी महामारी के चलते प्रवासियों को खाली पेट बिना साधन के मजबूरी में अपने गांव वापस लौटना पड़ा व लाखों लोग बेरोजगार हो गए।

5- जो व्यक्ति सदैव छुट्टियों का इंतजार करते थे वह इन छुट्टियों से भी बुरी तरीके से तंग आ गए।

6- दूसरी ओर बहुत से लोगों ने अपना बिजनेस ऑनलाइन कर लिया वही कुछ लोग स्किल सीख कर अच्छा पैसा कमाने लग गए।

7- बच्चों की पढ़ाई बिल्कुल ही बंद हो गई वह ऑनलाइन क्लासेस चलने लगी सुनने में तो बहुत सकारात्मक पहल लगती है परंतु अंदर बहुत ही ज्यादा झोल है।

8- बच्चों में मोबाइल फोन का इस्तेमाल तेजी से बढ़ गया व परिणाम वर्ष गेमिंग कंपनियों का धंधा परवान चढ गया। बच्चों की पढ़ाई बिल्कुल ही बंद हो गई व बच्चे निकम्मे होते चले गए।

9- लॉकडाउन में घर में लोग परेशान होने के कारण Fraud Cases भी बहुत ज्यादा बढ़ गए. हर तरफ Online Scams व Offline Scams का बोलबाला दिखने लगा।

10- बहुत से व्यक्तियों व बच्चों में कला का विस्तार हुआ। जितनी चीजें ऑफलाइन आयोजित की जाती थी वह सब पूरी तरीके से ऑनलाइन हो गई।

कोरोनावायरस का इलाज क्या निकाला गया?

ज्यादातर समय मास्क पहनना, शारीरिक दूरी बनाए रखना, समय-समय पर हाथ धोना, लॉकडाउन व अंत में वैक्सीन ही कोरोनावायरस के इलाज के लिए कारगर पायी गया।
आज देश में बहुत ही तेजी से वैक्सीनेशन चल रहा है। वैक्सीनेशन के लिए कोविशील्ड, कोवैक्सीन व स्पुतनिक वी जैसी कारगर वैक्सीन का इस्तेमाल तेजी से हो रहा है।

लॉकडाउन का पर्यावरण पर प्रभाव

यदि हर तरफ ध्यान से देखा जाए तो एक पर्यावरण ही है जिस पर लॉकडाउन का हमें सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला। यह अपने आप में ही एक बहुत ही अच्छा संकेत है। मनुष्यों ने प्रकृति व पर्यावरण को इतना बुरी तरीके से झकझोर कर रख दिया कि आज प्रकृति को तो फायदा हो रहा है जब सभी व्यक्ति घर के अंदर जानवरों की तरह कैद है।

1- लॉकडाउन का पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला।

2- कार्बन उत्सर्जन की मात्रा में कमी पाई गई जिससे कि वायु की शुद्धता में विस्तार हुआ। अमेरिका के बहुचर्चित शहर न्यूयॉर्क की बात करें तो वहां लॉकडाउन के कारण इस साल प्रदूषण 40 से 50% तक कम हो गया है।

3- लोगों के घर में कैद होने के कारण व सड़कों पर वाहन आदि की कमी होने से वायु में वायु प्रदूषण बहुत ही कम मात्रा में देखने को मिला।

4- व्यक्तियों के घर में रहने से गंगा जैसी पवित्र नदी वास्तव में पवित्र दिखाई दी जिसमें कूड़ा करकट फुल चढ़ावा जैसी वस्तुएं नहीं विसर्जित की गई।

5- कारखाने आदि वगैरह बंद होने के कारण वायु प्रदूषण बंद रहा व नदियों में कारखानों का कूड़ा कचरा का निस्तारण नहीं किया गया।

6- व्यक्तियों के घर में रहने से उनका ध्यान पर्यावरण की गंभीर समस्याओं पर गया और बहुत से व्यक्तियों ने तो वृक्षारोपण को अपना प्रिय कार्य बनाया व दिनचर्या में भी शामिल किया।

7- लॉकडाउन होने पर भी अभी हाल ही में 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया जिसे लेकर युवाओं से लेकर बूढ़े व्यक्तियों तक में इसका उत्साह देखने को मिला।

8- अपनी प्रकृति में चारों ओर साफ सफाई देखने को मिलने लगी है जहां कभी व्यक्तियों की लापरवाही से हर तरफ कूड़ा करकट देखने को मिलता था।

9- बीते वर्ष लगी लॉकडाउन के कारण पूरे संसार में प्रदूषण का प्रसार बीते वर्षों के मुकाबले बहुत कम देखने को मिला जो की बहुत ही सकारात्मक बिंदु है।

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लॉकडाउन के बाद पर्यावरण की स्थिति क्या होगी? (Condition of Environment After Lockdown)

जिस तरह से हम देख रहे हैं कि लॉक डाउन होने पर पर्यावरण पर कितना अच्छा प्रभाव देखने को मिला है। पर्यावरण के हर तरफ खुशहाली छा गई है जिसका असर हम जीव जंतुओं में बहुत ही आसानी से देख सकते हैं।

परंतु क्या होगा जब लॉकडाउन खुल जाएगा? इस स्थिति को हम स्थिर बिल्कुल भी नहीं कह सकते हैं क्योंकि यह मानव अपनी करने से कभी भी बाज नहीं आएगा और जैसे ही सब चीजें वापस से शुरू होंगी, पर्यावरण की स्थिति अपनी पुरानी दुर्गति पर आ जाएगी।

क्या है पर्यावरण की दुर्गति का स्थाई इलाज?

हम मानव अपने विचारों व कार्यों में सकारात्मक बदलाव लाकर अपने पर्यावरण की दुर्गति का स्थाई इलाज कर सकते हैं-

1- अधिक से अधिक पेड़ लगाएं। पेड़ों को अपना दोस्त समझे क्योंकि वह हमें एक नया जीवन प्रदान करते हैं।

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2- भारी वाहनो का इस्तेमाल कम करें। कम दूरी के लिए साइकिल या पैदल चलने का चयन करें।

3- बढ़ते टेक्नोलॉजी के दौर में इस पर्यावरण में बढ़ते प्रदूषण व गंदगी का सरकार द्वारा स्थाई इलाज निकाला जाना चाहिए।

4- अपने आप को प्रकृति से जोड़ कर रखें क्योंकि आप जितना प्रकृति से जुड़ेंगे उतनी ही इसकी सेवा करने की भावना आप में आएगी।

5- जल ही जीवन है इसलिए जल को सदैव बचाएं इसकी महत्वता को समझें व औरों को भी इसके लिए जागरूक करें। जल प्रदूषण रोके.

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6- मिट्टी में पेस्टिसाइड व इंसेक्टिसाइड जैसे पदार्थों का इस्तेमाल कम से कम करें।

7- अपनी मानवता सदैव जिंदा रखें क्योंकि ‘जिस व्यक्ति में मानवता खत्म हो गई फिर वह पर्यावरण तो क्या अपना खुद का भी भला करने में असमर्थ हो जाता है।’

आज हमने क्या सीखा? (LESSON)

दोस्तों आज हमने पर्यावरण पर लॉकडाउन के प्रभाव (Effects Of Lockdown On Environment in Hindi) को जाना। यह जानकारी विद्यार्थियों के लिए व कॉम्पिटिटिव एग्जाम जैसे SSC व UPSC की तैयारी करने वालों के लिए अत्यंत ही सहायक होगा

हम आशा करते हैं कि आप को इस लेख से कुछ अच्छा जानने को मिला होगा। यदि आपको जानकारी अच्छी लगी हो तो इसे अपने दोस्तों रिश्तेदारों व सगे संबंधियों में अवश्य शेयर करें ताकि उन्हें भी इस जानकारी का लाभ मिले। तो मिलते हैं हमारे अगले आर्टिकल में तब तक स्वस्थ रहें मस्त रहें।

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