धरती माता पर निबंध | धरती माता पर निबंध इन हिंदी | Essay on dharti mata in hindi

आज हम अपने चारों दिशाओं में कहीं भी देखते हैं तो हमें जल, वायु, पेड़ पौधे और अन्य चीज दिखाई देती है। यह सब कुछ हमें प्रकृति से मिलता है। धरती माता पर निबंध essay on dharti mata in hindi में हम जानेंगे की कैसे भारतीय संस्कृति में धरती को मां का दर्जा दिया गया है। धरती हमारी मां है हमारी धरोहर है और हमें अपनी धरोहर को संभाल के रखना चाहिए और धरती माता की रक्षा करनी चाहिए। और हमेशा साफ सुथरा रखना चाहिए। आज के इस लेख में धरती माता पर निबंध इन हिंदी में हम धरती मां पर जानकारी प्राप्त करेंगे।

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प्रस्तावना:-

धरती माता पर निबंध 

आज सभी भारत वासियों को अपनी धरती मां को बचाने के लिए पूर्ण योगदान देना होगा। और धरती मां की रक्षा करनी होगी। क्युकी हमारे जीवन का अस्तित्व ही धरती मां से जुड़ा हुआ है वो हैं तो ही हम जी रहे हैं। पूरे भूमंडल में केवल पृथ्वी यानी कि धरती माता ही है जहां पर जीवन संभव है वरना अन्य ग्रह पर तो जीवन की आस भी नहीं है।

धरती माता पर निबंध इन हिंदी
धरती माता पर निबंध इन हिंदी

धरती माता का सौंदर्य:-

धरती माता का सौंदर्य पूरा का पूरा मनमोहक है। जिसको देखते हैं मन प्रसन्न हो जाता है और अंदर से ही खुशी का अनुभव होने लगता है। कई सारी चीज़े है जिसे देख कर मन खुश हो जाता है आइए एक नजर इसपर भी डालते हैं:-

1- सूर्य की लालिमा:-

जब हम प्रातः काल भोर में उठते हैं तब सूर्य धीमे धीमे उदित होता है। सूर्य को देखकर मानो ऐसा लगता है कि बस उसको देखते ही रहे। सूर्य की लालिमा मनमोहित करने वाली होती है और सुंदर नजर आती है। ओम भास्कराय नमः का मंत्र पढ़ते हुए सूर्य को जल चढ़ाया जाता है। और प्रकृति ठंडी हवाएं जब शरीर को स्पर्श करती है तो आनन्द की अनुभूति होती है।

2- बड़े बड़े पर्वत:-

बड़े-बड़े पर्वत जो कि हमारी पृथ्वी माता की शान के समान है। बड़े बड़े पर्वत को देखकर भी मन मोहित हो जाता है। पर्वत पर वो गोल गोल रास्ते ठंडी ठंडी हवाओं का आनंद लेना जोकि किसी सपने जैसा लगता है। बड़े बड़े पर्वतों के बीच में देवी देवताओं का मंदिर और वहां पर पूजा करना सब कुछ प्रकृति की ही देन है। हमे इसका सम्मान करना चाहिए।

3- मन मोह लेने वाले बहते झरने:-

जब हम दूर पहाड़ों पर जाते हैं तो वहां पर नीचे की ओर झरने भी दिखाई देते हैं। उन झरनों का सुंदर शोर सुनते ही मन प्रफुल्लित हो जाता है। बहते हुए झरने को देखना एक सपने के समान होता है।

नदिया, सागर, हरियाली और अन्य खूबसूरत वस्तुएं भी है जिसके चलते धरती माता इतनी सुंदर और मनमोहक है। धरती माता ने हमे हर वो चीज दी है जिसकी हम कल्पना कर सकते हैं। पेड़ पौधे दिए ताकि हमें जीने के लिए ऑक्सीजन मिल सके। जल्दी आ ताकि हम अपनी प्यास बुझा सके। गेहूं, चावल और सब्जियां दी ताकि हम उसको खाकर अपना पेट भर सके। इसके लिए हम सदैव धरती माता के शुक्रगुजार रहेंगे।

Essay on dharti mata in hindi
Essay on dharti mata in hindi

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सिर्फ इतना ही नहीं जब हम बीमार पड़ते है तब हमे जड़ीबुती, औषधि, इत्यादि चीजों की जरूरत पड़ती है तो वो भी धरती माता हमे प्रदान करती हैं।

धरती माता पर बढ़ता खतरा:-

जिस प्रकार धरती माता असंतुलित हो रही है वो दिन दूर नहीं है जब प्रकृति का प्रकोप दोबारा देखने को मिलेगा। धरती माता पर जो खतरा है वो हम मनुष्यों की वजह से ही आया है। मनुष्य के द्वारा बढ़ता प्रदूषण जोकि वातावरण को दूषित ही करता है। जिसके चलते पूरे पर्यावरण दूषित होता जा रहा है।

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मनुष्यों का पेड़ काटना भी त्रासदी को न्योता देने जैसा ही है। क्युकी धरती माता की बनाई हुई अद्भुद चीज़ों में से एक है पेड़ जिसे काटना सरासर गलत है। इसके चलते ग्लोबल वार्मिंग जैसी समस्याएं बढ़ती जा रही है।

लोगो का जरूरत से ज्यादा लाइट का इस्तेमाल करना और ऐसे उपकरणों का इस्तेमाल करना जिससे पर्यावरण केवल दूषित होता है जैसे एयरकंडीशनर, हीटर, आदि चीज़ों के इस्तेमाल से धरती माता पर संकट बढ़ता जा रहा है।

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धरती माता का रौद्र रूप:-

जब धरती माता रौद्र रूप में होती है तब केवल तबाही ही आती हैं। जिसे रोकना किसी के हाथ में नहीं है। धरती माता पर जो इस प्रकार खतरा बढ़ रहा है इसी कारण से धरती माता का रौद्र रूप धारण करते हैं। जैसे- भूकम्प, सूखा, सुनामी, ज्वालामुखी का फटना, ये सभी प्रकार से प्रकृति यानी की हमारी धरती माता रौद्र होती है।

धरती माता के प्रति हमे जिम्मेदारियों को समझना पड़ेगा:-

धरती माता की रक्षा करना हमारा धर्म है अगर हम सभी मिलकर धरती माता की रक्षा करेंगे तो हमारी आने वाली पीढ़ियों का जीवन संभव हो पाएगा। अगर हम गैरजिम्मेदारी दिखाएंगे तो हमें यह सारे त्रासदी को झेलना पड़ेगा। जिससे मानव जीवन को बहुत ज्यादा खतरा है।

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धरती पर केवल हम मनुष्य की नहीं रहता हमारे जैसे अनेक जीव जंतु भी यहां पर रहते हैं। इसलिए हमें स्वार्थी नहीं होना चाहिए। हमें उनके बारे में भी सोचना चाहिए उनका भी जीवन है। इसलिए हमें हमारी जिम्मेदारियों को समझना चाहिए और धरती माता को स्वच्छ रखना चाहिए।

एयर कंडीशनर, हीटर इत्यादि चीजो का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। धरती माता के सौंदर्य से जुड़ी अनमोल चीज जोकि है पेड़ इसको नहीं काटना चाहिए। और ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने चाहिए। जितने ज्यादा हम पर लगाएंगे उतनी ही ज्यादा ताज़ी ऑक्सीजन हमे प्राप्त होगी। अगर हम ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाएंगे तुम ग्लोबल वार्मिंग जैसा खतरा भी दूर हो जाएगा।

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निष्कर्ष / उपसंहार:-

धरती हमारी माता है और उन्होंने हमें अनेक चीजें प्रदान करी हैं। खाने से लेकर रहने तक और धरती माता के सौंदर्य की तो बात ही निराली है। 

पर इन सभी चीजों के साथ साथ धरती माता पर अनेक खतरे मंडरा रहे हैं। जिसका निवारण हम मनुष्यों के हाथ में हैं अब हमे समझना है की हम कैसे अपनी धरती माता और अपनी प्रकृति की रक्षा करेंगे। और अपनी प्रकृति को प्रदूषण मुक्त बनाएंगे। आपको हमारा धरती माता पर निबंध | धरती माता पर निबंध इन हिंदी | essay on dharti mata in hindi लेख कैसा लगा नीचे comment कर के जरूर बताएगा और अगर अच्छा होती इसे शेयर भी जरूर करिएगा ताकि और लोगो तक भी ये जानकारी पहुंचे और वो भी धरती माता के बचाव के हेतु कड़े कदम उठाए। 

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