रीसाइकलिंग पर निबंध | पुनर्चक्रण पर निबंध | Recycling par essay in hindi

हेल्लो दोस्तो आज के रीसाइक्लिंग पर निबंध या पुनर्चक्रण पर निबंध में हम जानेंगे की रीसाइक्लिंग क्या है और ये किस प्रकार हमारे पर्यावरण के लिए लाभदायक है। आइए जानते हैं कि पुनर्चक्रण क्या है और कैसे काम करता है।

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पुनर्चक्रण या रीसाइक्लिंग पर निबंध:-

परिभाषा/प्रस्तावना:-

किसी भी अपशिष्ट चीज को दोबारा इस्तेमाल में लाने की या नई सामग्री उत्पाद में बदलने की प्रक्रिया रीसाइक्लिंग या पुनर्चक्रण कहलाती हैं। पुनर्चक्रण का अर्थ ये है कि कोई भी पुरानी सामग्री जो बेकार हो चुकी है और इस्तेमाल नहीं की जा रही है उसे उपयोग में परिवर्तित करना। किस तरीके की वस्तुएं काम में लानी चाहिए जैसे – कागज, प्लास्टिक, ग्लास, या कोई अन्य धातु जैसे एल्युमिनियम, स्टील इत्यादि। इन सभी चीजें की रिसाइक्लिंग होती है।

रीसाइक्लिंग पर निबंध
रीसाइक्लिंग पर निबंध

यदि हम अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए इस दुनिया की रक्षा करना चाहते हैं। तो पुनर्चक्रण आती आवश्यक है। हम पुराने उत्पाद जिसे इस्तेमाल नहीं करते हैं उसी को नए उत्पाद में बदला जाता है और ये चक्र ऐसे ही चलता रहता है

रीसाइक्लिंग का महत्व (Importance of Recycling):-

नीचे दिए गए कारणों में रीसाइकलिंग महत्वपूर्ण हो सकती है:-

1- रीसाइक्लिंग पृथ्वी को बचाता है-

किसी भी उत्पाद की रीसाइक्लिंग या पुनर्चक्रण पर्यावरण को सुरक्षित रखने में मदद करता है। उदाहरण के लिए कागज को रिसाइकल करने के बाद पेड़ो को काेट बिना ही पेपर उत्पादन हो पा रहा है और ये एक तरह से पृथ्वी को बचाता है।

2- पुनर्चक्रण ऊर्जा को बचाता है:-

सामग्री से नया उत्पाद बनाने की बजाए उसी उत्पाद को रीसाइक्लिंग कर के हम काफी उर्जा को बचा सकते हैं। जैसे एक नए एलुमिनियम को बनाने के लिए बहुत अधिक ऊर्जा खर्च होती है तो हमे उसी एलुमिनियम को पुनर्चक्रण करके उस धातु को उपयोग में ला सकते हैं। इससे ऊर्जा शक्ति बचेगी और पर्यावरण को इसका लाभ भी होगा।

3- पुनर्चक्रण ग्लोबल वार्मिंग और प्रदूषण को कम करने में सहायता करता है:-

पुनर्चक्रण के मुख्य लाभों में से एक ऊर्जा शक्ति है और दूसरा कार्बन और ग्रीन हाउस गैसों को भी कम करने में मदद करता है। रीसाइक्लिंग से ही प्रदूषण में कमी आती है। और वातावरण में अपशिष्ट पदार्थ में कमी होती है।

4- रीसाइक्लिंग पैसे बचाने में भी मदद करता है:-

रीसाइक्लिंग करने में काफी ज्यादा ऊर्जा खर्च होती है। परंतु पुरानी उत्पाद और धातुओं को रीसाइक्लिंग करे तो कम उर्जा की जरूरत होगी इससे पैसे की लागत में भी कमी आएगी तो इसी प्रकार पुरानी उत्पाद को रिसाइकिल करने में कम पैसा खर्च होता है क्योंकि उसमे ऊर्जा भी कम खर्च होती है।

लोगों के रीसाइक्लिंग ना करने के क्या क्या कारण है

लोगों के रीसाइक्लिंग ना करने के कारण कुछ इस प्रकार है:-

1- लोगों का रीसाइकिलिंग समझ नहीं आती:-

रीसाइक्लिंग ना करने का एक मुख्य कारण यह भी है कि लोग रीसाइकिलिंग करने की प्रक्रिया को ठीक ढंग से जान नहीं पाते हैं। कौन से उत्पादों को रिसाइकल करना है और कौन से उत्पादों को रिसाइकल नहीं कर रहा है इसमें अंतर करने में समस्या आती है।

2- रीसाइक्लिंग और सुविधाजनक है:

रीसाइक्लिंग ना करने के लिए किए गए सर्वेक्षण के अनुसार सबसे पहला कारण ये था कि लोग रीसाइक्लिंग के बारे में ज्यादा जागरूक नहीं थे और वे समझ नहीं पाते थे और इसे कठिन मानते थे। उनको ऐसा लगता था कि  उनको स्क्रैप डीलर, या रीसाइक्लिंग सेंटर में अपने घर के कूड़े, या अपशिष्ट पदार्थ को जाके फेकना पड़ेगा या अतिरिक्त कदम उठाना पड़ेगा। कई सोसाइटी या अपार्टमेंट में पर्याप्त रीसाइक्लिंग के डब्बे नहीं है। जिसमें लोगों को भी कोई दिलचस्पी नहीं है लोगों को यही लगता है कि रीसाइक्लिंग कोई कार्यक्रम है ही नहीं परंतु ऐसा नहीं है जब तक आप स्क्रेप डीलिंग सेंटर नहीं मिल जाता तब तक आपको रीसाइक्लिंग में प्रयास करना ही पड़ेगा।

3- जगह में कमी:-

रीसाइक्लिंग करने में लोगों को जगह की कमी महसूस होती है ये एक मुद्दा है क्योंकि लोगों के घर बहुत छोटे होते हैं और वे अपने घर के आस पास कचरा देखना नहीं चाहते हैं।

4- पैसा नहीं तो रीसाइक्लिंग नहीं:-

रीसाइक्लिंग ना करने के लिए लोग ये बहाना भी बनते हैं कि स्क्रैप को निपटाने के बाद उनको इसका अच्छा पैसा नहीं दिया जाता है या उन्हें इसमें किसी भी प्रकार का प्रोत्साहन शामिल नहीं दिखता है। बहुत से लोग तो तब तक रीसाइक्लिंग नहीं करते जब तक उनको पैसों का लाभ ना हो ये सोच एकदम गलत है।

5- हरियाली देखने की इच्छा नहीं होती:-

आज कल की दुनिया में कुछ लोग ऐसे भी हैं जो ग्लोबल वार्मिंग और प्रदूषण के बारे में बिल्कुल नहीं सोचते कि किस प्रकार बढ़ता जा रहा है और उल्टा उनकी प्राथमिक सूची में इन सब चीजों की कोई जरूरत नहीं है। इसलिए उन्हें हरियाली युक्त वातावरण के लिए रीसाइक्लिंग में अपना योगदान देने की बिल्कुल भी इच्छा नहीं होती है।

पुनर्चक्रण/रीसाइक्लिंग की प्रक्रिया (Process of Recycling):-

रीसाइक्लिंग में हम अलग-अलग अपशिष्ट पदार्थ को इकट्ठा करते हैं फिर उन्हीं उत्पाद को छोटे-छोटे ब्लॉक में तोड़ा जाता है। जिसके फलस्वरूप नए उत्पादों में बदल दिए जाते हैं। रीसाइक्लिंग इसी प्रक्रिया पर काम करती है। मुख्य रूप से पांच प्रकार अपशिष्ट पदार्थ  है। कागज, प्लास्टिक, स्टील, एलुमिनियम, और ग्लास भी शामिल है। इन विभिन्न पदार्थों को अलग-अलग तरीके से इस्तेमाल करके पुनर्चक्रण किया जाता है।

पुनर्चक्रण पर निबंध
पुनर्चक्रण पर निबंध

कागज का पुनर्चक्रण:-

कागज के कचरे में पेपर, अखबार, कागज, और कार्डबोर्ड और कार्यालयों और शैक्षिक संस्थाओं में इस्तेमाल किए गए अन्य कागज शामिल है। जोकि बड़ी भारी मात्रा में  पेपर्स, और पेम्प्लेट्स, होते हैं। कागज को दो तरीके से बनाया जाता है पहला लकड़ी दूसरा पानी। तो सबसे पहले रीसाइक्लिंग के माध्यम से इसको अलग किया जाता है ताकि इसे सुधार जा सके। शाही और गंदगी जैसे प्रदूषण को फिल्टर किया जाता है और पेपर को संकलित कर के गरम पानी में डाला जाता है और कागज को सेलूलोज़ फाइबर के छोटे से तारों में तोड़ देती है। जो एक मसालेदार पदार्थ बन जाती है और उसको प्लप कहा जाता है। ये बिल्कुल गीला ढक्कन दार पेपर कैसा दिखता है हालांकि पेपर अभी भी गंदा है।

इसके बाद इसको की स्क्रीन पर डाला जाता है जहां बची हुई गंदगी गोंद या प्लास्टिक के कणों की तरह निकालती रहती हैं। फिर इसे बंद करके भेजा जाता है जहां इसकी सफाई होती है। जिसमें हवा के बुलबुले और साबुन जैसे रसायनिक पदार्थ सर्फेक्टेंट शामिल होते हैं। इनका काम कागज को स्याही से अलग करना होता है। हवा के बुलबुले स्याही को सतह और पल्प तक ले जाने का कार्य करते हैं। जोकि बिल्कुल नीचे तक जाती है। अब तक वह पल्प  पूरी तरह से साफ हो जाती है और उससे नए उत्पाद बनाए जा सकते हैं।

निष्कर्ष/उपसंहार:-

इन सरल बिंदुओं के बाद हमें यह पता चल गया कि पर्यावरण के लिए रीसाइक्लिंग कितना ज्यादा जरूरी है। हमें अपना योगदान रीसाइक्लिंग को करने में देना ही चाहिए। अगर हमे सोसाइटी या अपार्टमेंट में स्क्रैप सेंटर नहीं मिल जाता तब तक हमें रीसाइक्लिंग के बारे में विचार करते रहना चाहिए और इसका सहयोग करना चाहिए। रीसाइक्लिंग पर्यावरण के लिए बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण है। रीसाइक्लिंग पर निबंध पुनर्चक्रण पर निबंध recycling par essay in hindi आपको कैसा लगा हमें नीचे कमेंट करके अवश्य बताइए. 

Frequently Asked Questions (FAQ)

Q.1- Satnami Disposal factory kahan hai?

Ans- Ludhiana (Punjab).

Q.2- Plastic Recycling ke Labh

Ans- प्लास्टिक रीसाइक्लिंग के मुख्य लाभ हैं पर्यावरण की समृद्धि और स्वच्छ वातावरण।

Q.3- क्या शीशे के बोतल का रीसाइक्लिंग संभव है?

Ans- हाँ, यह बिल्कुल संभव हैं।

1 thought on “रीसाइकलिंग पर निबंध | पुनर्चक्रण पर निबंध | Recycling par essay in hindi”

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